आरंभ

आज दिनांक 29/09/2021

बस कुछ वक्त ये लिखने में निकाल रहा कि आज जिन्दगी में क्या तबाही मची और क्या गुलाब खिला😅। बस शुरुआत कर रहा हूं आज की रात से। मैंने दोस्त बनाने छोड़ दिए हैं, बस एक ही दोस्त है लेकिन वह भी अपनी जिंदगी संवारने में लगी है, अब मैं अपने जिंदगी के उथल पुथल किनसे साझा करूं? तो सोचा यहां आ जाता हूं और आप लोगो से शेयर करता हूं कुछ बातें जो मुझे अपने अंदर दबा के नही रखनी।

कुछ बातें मेरे वर्तमान की होगी तो कुछ बीते कल की और शायद कुछ बातें आने वाले कल की भी, कुछ बातें एक एक पल की होगी तो कुछ पल भर की ही। कुछ बातें मेरी नापसंद की होगी और कुछ बातें पसंद की, कुछ मेरे विचार की होगी तो कुछ मेरे दिल की, कुछ परिवार की होगी तो कुछ काम की, कुछ सफर की होगी तो कुछ सफरनामे की। मैं बातें तो करना चाहता हूं पर लोग भी तो नहीं सुनने वाले, शायद पढ़ने वाले मिल जाए 😀।

जब मन करेगा तो लिखूंगा नही करेगा तो बिल्कुल नही, किताबें बहुत पढ़ता हूं आजकल शायद कुछ नया विचार आ जाए कुछ कर जाने की या कुछ नया जानने को मिले, कुछ महापुरुषों के बारे में भी पढ़ रखा है मेने जो मुझे खुद को बहुत पसंद हैं। वक्त के साथ साथ आपको पता चलते जाएगा कि वो कौन हैं और क्यों हैं और उनसे मुझे क्या प्रेरणा मिलती है।

बेरोजगार हूं बहुत लोगो की तरह, तलाश इसकी भी है। करना वही चाहता हूं जो मेरा दिल चाहता है लेकिन कर नही पा रहा, कुछ अपनी मजबूरियां हैं जैसे सबकी होती हैं। ये सब भी पता चल ही जाएगा। वैसे ये गूगल ने हिंदी भाषा वाली टायपिंग कितना आसान कर दिया है, मैं बहुत आसानी से लिख पा रहा हूं, मैं चाहता हूं की सब कुछ मेरे भी भाषा में हो लोग आसानी से समझ सके की मैं कहना क्या चाहता हूं, इसके लिए गूगल भईया का शुक्रगुजार हूं।

फिल्में बहुत देखता था लेकिन आजकल तो वेब सीरीज का जमाना है भाईसाहब, बॉलीवुड से हॉलीवुड तक सफर रहता है, वैसे इसमें भी कुछ नया नहीं है आजकल तो पूरी युवा पीढ़ी लगी हुई है। शायद इसीलिए बेरोजगारी बढ़ गई है। लोग अपना पूरा दिन मनोरंजन में निकाल रहे, भविष्य की चिंता सबको है लेकिन जानते हुए भी कोई गंभीर नही।

खैर ये सब बातें जाने दो होती रहेंगी। तो आज के लिए बस इतना ही, फिर मुलाकात होगी कुछ अनकही बातों के साथ।

सब अपना खायल रखे खरियत से रहे, जय हिंद जय भारत।

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